एनआईटीआरए में भारत का पहला कृत्रिम मानव ज्वाला परीक्षण उपकरण: गिरिराज सिंह ने उद्योग को सौंपा

Photo of author

By Anubhav Ranjan

उत्तरी भारत वस्त्र अनुसंधान संघ (एनआईटीआरए) ने आज एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए देश का प्रथम कृत्रिम मानव ज्वाला आच्छादन परीक्षण यंत्र राष्ट्र को अर्पित किया। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री गिरिराज सिंह ने इस अत्याधुनिक प्रणाली का उद्घाटन किया, जिसे उन्होंने उद्योग की सुरक्षा क्रांति का चिह्न बताया। यह यंत्र वैश्विक मापदंडों (जैसे आईएसओ 13506) के अनुरूप कार्य करता है तथा सुरक्षात्मक वस्त्रों की अग्नि प्रतिरोध क्षमता का निपुण परीक्षण प्रदान करता है। अब भारतीय उत्पादक विदेशी निर्भरता से मुक्त होकर स्वदेश में उत्कृष्ट परीक्षण कर सकेंगे, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बल प्रदान करेगा।

मंत्री गिरिराज सिंह ने उद्घाटन अवसर पर कहा, “यह सफलता ‘सुरक्षा-प्राथमिक’ दृष्टिकोण को मूर्त रूप देती है। एनआईटीआरए का यह योगदान वस्त्र क्षेत्र को अन्तर्राष्ट्रीय स्पर्धा में सशक्त बनाएगा, विशेषतः अग्निनाशक वस्त्रों के क्षेत्र में।” यंत्र एक कृत्रिम मानव प्रतिमान (कृत्रिम मानव) का उपयोग करता है, जो शरीर के 80 प्रतिशत से अधिक भाग को ज्वाला की ज्वाराओं से समाहित कर परीक्षण करता है। यह संवेदकों द्वारा तापमान, ऊष्मा धारा तथा हानि के सूचनाओं को संकलित करता है, जिससे वस्त्रों की कार्यक्षमता का गहन मूल्यांकन संभव हो जाता है। एनआईटीआरए के निदेशक डॉ. संजय कुमार ने अवगत कराया कि यह प्रणाली जुलाई 2025 से सक्रिय है, परंतु आज औपचारिकतापूर्वक उद्योग को हस्तांतरित की गई। इससे अग्निनाशकों, तेल-गैस कर्मियों, धातु संयोजकों जैसे विशेषज्ञों के लिए निश्चित वस्त्र तैयार होंगे।

वस्त्र उद्योग हेतु यह स्वर्णिम क्षण है। पहले, ऐसे मूल्यांकन के लिए नमूने परदेश भेजना पड़ता था, जो अवधि एवं खर्च वृद्धि करता था। अब एनआईटीआरए की ताप एवं ज्वाला परीक्षण कक्ष में विकिरण ताप परीक्षक, ज्वलन योग्यता परीक्षक जैसे अन्य साधनों के साथ यह कृत्रिम मानव संयोजित हो चुका है। उद्योग विद्वानों का विचार है कि इससे निर्यातनीय वस्तुओं की मात्रा में वृद्धि होगी, क्योंकि ईएन, एएसटीएम जैसे मानकों का पालन सहज हो जाएगा। समारोह में एनआईटीआरए के गणितज्ञ, उद्योग प्रतिनिधिगण तथा सरकारी पदाधिकारी सन्निहित थे। गिरिराज सिंह ने युवा सृजनकर्ताओं को उत्साहित करते हुए कहा, “यह विज्ञान भारतीय आविष्कारकता की सामर्थ्य उजागर करता है।” एनआईटीआरए ने प्रतिज्ञा की कि परीक्षण सुविधाएं तुरंत सुलभ होंगी, जिससे लघु उद्योगों को अनुपम लाभ होगा। यह प्रयास न केवल सुरक्षा स्तरों को उच्चतर करेगा, वरन् रोजगार सर्जन में भी सहयोगी सिद्ध होगा।

प्रशांत कुमार ‘प्रणय’