सुशासन मॉडल से बिहार बनेगा उद्योग हब: रोजगार के लाखों द्वार खुलेंगे – अरविंद निषाद

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By Anubhav Ranjan

जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश प्रवक्ता अरविंद निषाद ने मीडिया बयान में कहा कि बिहार की जनता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल मार्गदर्शन पर पुनः अटूट भरोसा जताया है, जो राज्य को समृद्ध तथा शक्तिशाली बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा बिहार में नीतीश कुमार की संयुक्त निष्ठा से औद्योगिक परिवर्तन का स्वर्णिम अध्याय प्रारंभ हो चुका है, जिसके फलस्वरूप नवीन कारखाने उभरेंगे तथा युवाओं के लिए असंख्य अवसर उत्पन्न होंगे।

निषाद ने गौरवपूर्ण स्मृति ताजा की कि 2015-16 में केंद्रीय वित्त मंत्री स्वर्गीय अरुण जेटली ने बिहार के कर संग्रह मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर आदर्श घोषित किया था तथा अन्य राज्यों को इससे प्रेरणा लेने का निर्देश दिया था। उस दौर में बिहार कर वसूली में शीर्ष पर था, जो नीतीश कुमार के दूरदृष्टिपूर्ण शासन तथा प्रणालीगत सुधारों का जीवंत प्रमाण था। आज बिहार उसी वेग तथा दृढ़ संकल्प के साथ प्रगति पथ पर अग्रसर है। नीतीश सरकार उद्योग स्थापना, बुनियादी ढांचा मजबूती, कौशल उन्नयन तथा निवेश प्रलोभन पर अखंड प्रयासरत है, जिससे राज्य औद्योगिक उत्थान की चरम सीमाओं को छुएगा।

यह रूपांतरण मात्र कल्पना नहीं, अपितु तीव्रगति से साकार हो रहा वास्तविक स्वप्न है, जहां प्रत्येक निवासी की सहभागिता तथा लाभ सुनिश्चित होगा। हालिया ‘बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025’ (बीआईपीपीपी-2025) इसका प्रमाण है, जो 40 करोड़ तक ब्याज अनुदान, 300 प्रतिशत एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, 30 प्रतिशत पूंजीगत सहायता तथा निर्यात प्रोत्साहन प्रदान करता है। 100 करोड़ निवेश वाली इकाइयों को 10 एकड़ निःशुल्क भूमि तथा 1000 करोड़ वाली को 25 एकड़ भूमि मुफ्त मिलेगी। फॉर्च्यून 500 कंपनियां जैसे माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अमेजन, एपल तथा एनवीडिया आईटी, आईटीईएस, डेटा सेंटर तथा सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित होंगी। कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा तथा स्टांप ड्यूटी प्रतिपूर्ति जैसे उपाय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएंगे।

उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल के नेतृत्व में एक सप्ताह में रोडमैप तैयार होगा, जिसमें हर जिले में क्लस्टर-आधारित मॉडल, कृषि-उद्योग, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स को प्राथमिकता मिलेगी। पटना, दरभंगा, मधुबनी, औरंगाबाद, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, गया तथा सहरसा में 16 नई इकाइयां स्थापित होंगी, जो 777 रोजगार सृजित करेंगी। पलायन न्यूनीकरण तथा स्थानीय उत्पादन पर जोर से बिहार पूर्वी भारत का प्रमुख तकनीकी केंद्र बनेगा। निषाद ने कहा कि विकास, अवसर तथा शासन की यह गति अविरल चलेगी तथा बिहार औद्योगिक यात्रा के शिखर को निश्चय ही प्राप्त करेगा।

प्रशांत कुमार ‘प्रणय’