
दक्षिण भारत की धूप में चमकते टीएनसीए अकादमी के मैदान पर कूच बिहार ट्रॉफी एलिट का पहला दिन बिहार और तमिलनाडु के बीच एक रोमांचक जंग का साक्षी बना। बिहार ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी, लेकिन तमिलनाडु के गेंदबाजों ने कमाल कर दिया – बिहार की पहली पारी 72.5 ओवरों में 203 रनों पर ढेर हो गई। दिन का खेल तमिलनाडु के 1 ओवर में 3 रनों पर बिना विकेट खोए खत्म हुआ, जो अभी 200 रनों से पीछे है। युवा खिलाड़ियों की इस टक्कर में बिहार के मध्यक्रम ने कुछ हद तक संघर्ष दिखाया, लेकिन शुरुआती झटकों ने पारी को पटरी से उतार दिया।
बिहार की पारी की नींव रखने उतरे ओपनर देवांश अश्वल और अनमोल कुमार ने संयम बरता, लेकिन जल्दी आउट हो गए। देवांश ने 23 रन जोड़े, जबकि अनमोल 12 रनों पर लौटे। तीसरे विकेट के रूप में दीपेश गुप्ता मात्र 8 रन बनाकर पवेलियन चले गए, जिससे स्कोरबोर्ड पर 46 रन पर 3 विकेट टंगे। यहां से मध्यक्रम को संभालना था, और मोहम्मद आलम ने जिम्मेदारी निभाई। 119 गेंदों का सामना कर 51 रनों की ठोस पारी खेली, जिसमें 9 चौकों की चमक थी। उनकी सतर्कता ने टीम को संकट से उबारा, लेकिन अकेले दम पर ज्यादा नहीं चला। कप्तान तौफीक ने आक्रामकता दिखाई – मात्र 9 गेंदों पर 21 रन ठोककर पारी को रफ्तार दी, जैसे कोई तूफान आ गया हो। इसके बाद प्रीतम राज की 46 रनों की उपयोगी साझेदारी ने स्कोर को सम्मानजनक 203 तक पहुंचाया। लेकिन निचला क्रम लड़खड़ा गया, विकेटों की झड़ी लग गई।
तमिलनाडु की गेंदबाजी ने बिहार को रस्सियों में बांध लिया। शाविन वी. स्टार बने – 15 ओवरों में 3 मेडन रखते हुए 45 रन देकर 4 विकेट झटके, जैसे कोई शिकारी शिकार पर टूट पड़ा। सतीश एस. ने 1 विकेट लिया, जबकि संदीप बी. और बेनी हिन वी. ने 2-2 विकेट हासिल कर पारी को लपेटा। उनकी रणनीति ने बिहार के बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
जवाब में तमिलनाडु ने आखिरी ओवर का सामना किया। पी. कुश बराडिया ने 3 रन बनाए, जबकि राघव के.वी. शून्य पर नाबाद रहे। बिना विकेट गंवाए 3 रनों से शुरुआत हुई, जो बिहार के लिए चिंता का विषय है। बिहार की ओर से रिंकिल तिवारी ने एकमात्र ओवर डाला, जिसमें 3 रन खर्च हुए। दूसरे दिन तमिलनाडु की बल्लेबाजी पर नजर रहेगी – क्या वे बिहार को दबाव में लाएंगे, या बिहार की गेंदबाजी पलटवार करेगी?
यह मुकाबला बिहार के युवाओं के लिए सीख का सबक है। मोहम्मद आलम की अर्धशतकीय पारी भले चमकी, लेकिन टीम को मजबूत शुरुआत की जरूरत। कूच बिहार ट्रॉफी एलिट में बिहार का सफर अब चुनौतीपूर्ण हो गया है, लेकिन प्रतिभाएं तो यहां ही निखरती हैं। थेनी का मैदान अगले दिनों में और रोमांच लाएगा।
प्रशांत कुमार ‘प्रणय’