
भवन निर्माण विभाग में आज एक नई ऊर्जा और दिशा का संचार हुआ जब बिहार सरकार के नव नियुक्त भवन निर्माण मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी ने रविवार को विभागीय कार्यालय पहुंचकर कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उनके आगमन पर विभाग के सचिव श्री कुमार रवि सहित उच्च पदाधिकारी, अभियंता तथा कर्मचारियों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।बैठक की शुरुआत में सचिव, श्री कुमार रवि ने विभाग की संरचना, कार्यप्रणाली तथा राज्य में चल रही विभिन्न निर्माण योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि भवन निर्माण विभाग राज्य में प्रशासनिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का क्रियान्वयन कर रहा है। सचिव ने मंत्री को विभाग की योजनाओं की वर्तमान स्थिति का अवलोकन कराते हुए यह भी बताया कि विभाग नई तकनीकों और आधुनिक वास्तुशिल्प का उपयोग कर निर्माण कार्य को अधिक मजबूत, टिकाऊ तथा पर्यावरण अनुकूल बना रहा है।पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत विभागीय रिपोर्ट में राज्य की कई प्रमुख परियोजनाओं को दर्शाया गया, जिनमें पटना का बापू टावर, राजगीर खेल परिसर, बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय, स्मृति स्तूप, जिला स्तर पर निर्मित प्रशासनिक भवन तथा पंचायत सरकार भवन जैसी योजनाएँ विशेष रूप से शामिल थीं।

श्री कुमार रवि ने बताया कि विभाग ने हाल के वर्षों में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और इन परियोजनाओं से बिहार की छवि देशभर में सुदृढ़ हुई है।समीक्षा बैठक के दौरान माननीय मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी ने विभागीय पदाधिकारियों, अभियंताओं और कर्मियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने टीम के हर सदस्य से उनके दायित्व, कार्यशैली और सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। मंत्री ने कहा कि किसी भी विभाग की सफलता उसकी प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और कार्य की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। उन्होंने यह भी कहा कि भवन निर्माण विभाग राज्य के विकास की रीढ़ है, क्योंकि हर सरकारी परियोजना के सफल संचालन के लिए मजबूत आधारभूत संरचना का होना आवश्यक है।मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि विभाग की सभी योजनाओं को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा, “समयबद्ध और पारदर्शी कार्य पद्धति हमारी प्राथमिकता है।
राज्य की जनता को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना तथा उनके लिए स्थायी ढांचे विकसित करना इस विभाग का मुख्य उद्देश्य होगा।” उन्होंने निर्माण कार्यों में देरी, मानक उल्लंघन या वित्तीय अनियमितता को लेकर शून्य-सहनशीलता की नीति अपनाने का संकेत भी दिया।श्री चौधरी ने बैठक में बताया कि राज्य सरकार विकास कार्यों की गति को और तेज करने के पक्ष में है। इस दिशा में भवन निर्माण विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह विभाग न केवल सरकारी भवनों का निर्माण करता है बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पर्यटन और प्रशासन जैसे सभी क्षेत्रों को अवसंरचना उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं के पर्यवेक्षण और मूल्यांकन के लिए कई स्तरों पर समीक्षा तंत्र विकसित किया जाएगा ताकि किसी भी स्तर की समस्या तुरंत हल की जा सके।मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीकों जैसे ई-टेंडरिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग, साइट इन्स्पेक्शन ऐप्स और जियो-टैगिंग का उपयोग बढ़ाया जाए।

उन्होंने बल दिया कि निर्माण सामग्रियों की गुणवत्ता की नियमित जांच हो और प्रत्येक योजना की प्रगति का मासिक अनुश्रवण अनिवार्य रूप से किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे स्थल निरीक्षण के दौरान स्थानीय जरूरतों और जनसहभागिता पर भी ध्यान दें।समीक्षा बैठक में मंत्री ने यह भी कहा कि भवन निर्माण विभाग राज्य के हर जिले में विकास की गूंज फैलाए। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में निर्माण कार्यों को समान प्राथमिकता देने की बात कही। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसी संरचनाएँ खड़ी करना है जो आने वाले दशकों तक राज्य की प्रगति और सांस्कृतिक पहचान की मिसाल बन सकें।संचालन के दौरान सचिव, श्री कुमार रवि ने विभाग की भावी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विभाग सतत और हरित निर्माण को बढ़ावा देने हेतु नई नीति पर कार्य कर रहा है। इसमें ऊर्जा-संरक्षण भवनों, सौर ऊर्जा आधारित प्रणालियों और पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्रियों का प्रयोग बढ़ाने की योजना है। उन्होंने कहा कि राज्य में स्मार्ट भवनों की अवधारणा को भी धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है जिससे आधिकारिक कार्यों में दक्षता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी।माननीय मंत्री ने विभाग के सभी अधिकारियों और अभियंताओं से कहा कि वे अपने कार्य को केवल जिम्मेदारी के रूप में न लें, बल्कि इसे राज्य निर्माण की सेवा के रूप में देखें। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को प्रशिक्षण देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।
“योजनाएँ तभी कारगर बनेंगी जब हम गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च स्थान देंगे,” उन्होंने जोर देकर कहा।बैठक के अंत में मंत्री ने सचिव, अभियंताओं और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा की जाएगी और प्रत्येक परियोजना की स्थिति पर मंत्री स्वयं नजर रखेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा करने, स्थलीय निरीक्षण करने तथा वास्तविक समस्या का आकलन कर शीघ्र समाधान निकालने के निर्देश दिए।इस अवसर पर विभाग के सभी वरीय पदाधिकारी, अभियंता, कर्मचारी तथा अन्य आमंत्रित गण उपस्थित थे। बैठक के बाद मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार भवन निर्माण विभाग आने वाले दिनों में राज्य के विकास की नई दिशा तय करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि टीम भावना और समर्पित प्रयासों से विभाग न केवल अपने लक्ष्यों को प्राप्त करेगा बल्कि बिहार के विकास की नई पहचान भी स्थापित करेगा।