
बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर तथा शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि राज्य की कनेक्टिविटी मजबूत हो। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि 25.081 किलोमीटर लंबा यह फोरलेन कॉरिडोर तेजी से बन रहा है; वर्तमान प्रगति 30% से अधिक। इसमें चार बाईपास (नेऊरागंज, पैनाल, कन्हौली, विशुनपुरा), बड़े-छोटे पुल, पुलिया व अंडरपास शामिल हैं। श्री नीतीश ने कहा कि यह परियोजना बिहटा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को विशेष कनेक्टिविटी देगी। एनएच-922 को रिंग रोड (कन्हौली मोड़) से एम्स गोलंबर तक जोड़ते हुए पटना शहर को कोईलवर पुल से लिंक करेगी। इससे पटना-दिल्ली मार्ग पर 2 घंटे की बचत होगी। “हमारा लगातार निरीक्षण जारी रहेगा; किसी बाधा को तुरंत दूर करें,” उन्होंने जोर दिया। लक्ष्य: सितंबर 2026 तक उद्घाटन।
इसके बाद शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अवगत कराया कि राज्य सरकार ने सभी संसाधन उपलब्ध कराए; कार्य सुचारु रूप से चल रहा। मुख्यमंत्री ने जेपी गंगा पथ से इस पुल की कनेक्टिविटी वाली जगह भी देखी। उन्होंने कहा कि पुल बनने से पटना पर यातायात का बोझ कम होगा; छपरा, सीवान, गोपालगंज व हाजीपुर जाने वालों को शहर क्रॉस करने की जरूरत न पड़ेगी। “यह वैकल्पिक मार्ग राज्यवासियों को सुगमता देगा; जल्द पूर्ण करें,” निर्देश दिया।

ये परियोजनाएं बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देंगी। दानापुर-बिहटा से हवाई अड्डा व राष्ट्रीय राजमार्ग जुड़ेंगे, जबकि गंगा पुल से उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता व समयसीमा पर जोर दिया।

निरीक्षण में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, सचिव श्री अनुपम कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री संदीप कुमार आर. पुदुकलकट्टी, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम, एसएसपी श्री कार्तिकेय शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।