मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंत्रिमंडल सचिवालय व निगरानी विभाग की समीक्षा की, भ्रष्टाचार मुक्त बिहार पर जोर

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By Anubhav Ranjan

बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग एवं निगरानी विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए, ताकि सुशासन मजबूत हो।

अपर मुख्य सचिव श्री अरविंद कुमार चौधरी ने प्रस्तुतीकरण के जरिए विभागों की अद्यतन प्रगति बताई। हाल ही में निगरानी विभाग ने 50 से अधिक भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की, जिसमें वरीय अधिकारियों की जांच शामिल। मंत्रिमंडल सचिवालय ने 200+ नीतिगत निर्णयों को लागू किया, जो विकास योजनाओं को गति देते हैं।

श्री नीतीश ने कहा कि विभागों के कार्य बेहतर ढंग से क्रियान्वित हों। सरकार की प्राथमिकताओं—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य व इंफ्रास्ट्रक्चर—के आधार पर योजनाओं को तेजी से पूर्ण करें। निगरानी विभाग भ्रष्टाचार समाप्त करने में कारगर साबित हो रहा; जीरो टॉलरेंस नीति से राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना लक्ष्य है। न्यायपूर्ण विकास के साथ पारदर्शिता सुनिश्चित करें, ताकि आम जनता को त्वरित लाभ मिले। 2025 में अब तक 1,200+ शिकायतों का निपटारा हुआ, लेकिन और सख्ती जरूरी।

मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि सुशासन से ही बिहार प्रगति करेगा। विपक्ष की आलोचना के बावजूद, विकास कार्यों पर फोकस रखें। बैठक में प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, सचिव श्री कुमार रवि, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, विशेष सचिव श्री निलेश रामचंद्र देवरे व श्री अरविंद कुमार वर्मा उपस्थित थे।

यह समीक्षा नई सरकार के एजेंडे को मजबूत करती है। भ्रष्टाचार पर लगाम से निवेश बढ़ेगा, और योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंचेगा।