
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सुबह मुख्य सचिवालय के विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण किया। बिना पूर्व सूचना के पहुंचे सीएम के इस दौरे से अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने मुख्य सचिव कोषांग, मंत्रिमंडल कक्ष, वित्त मंत्री कार्यालय, अतिथि कक्ष सहित कई इकाइयों की व्यवस्थाओं व कार्य पद्धति की बारीकी से पड़ताल की। यह नई सरकार गठन के बाद उनका लगातार तीसरा प्रमुख निरीक्षण था, जो सुशासन की दिशा में सक्रियता दर्शाता।
निरीक्षण के दौरान श्री नीतीश ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी समय पर कार्यालय पहुंचें व कार्य निष्पादन में उत्कृष्टता बरतें। अनुशासित व संवेदनशील रहकर सभी काम समयबद्ध पूर्ण करें। उन्होंने परिसर की साफ-सफाई पर जोर दिया—नियमित सफाई सुनिश्चित हो, उद्यान हरा-भरा रहे। जहां जरूरी, वहां पौधारोपण कराएं। आगंतुकों के लिए बैठने व सुविधाओं का विशेष ध्यान रखें। मुख्य सचिवालय को और व्यवस्थित व आकर्षक बनाने की योजना पर तत्काल काम शुरू करें। सीएम ने कहा कि सुशासन तभी संभव जब प्रशासनिक मशीनरी चुस्त-दुरुस्त हो। हाल के दिनों में BPSC भर्ती, सड़क परियोजनाओं व फेलोशिप योजनाओं के बीच यह निरीक्षण प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने का संकेत।
निरीक्षण में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त डॉ. एस. सिद्धार्थ, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र, सचिव श्री अनुपम कुमार, श्री कुमार रवि, डॉ. चंद्रशेखर सिंह व विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। श्री अमृत ने सीएम को कार्य प्रगति पर जानकारी दी।
यह कदम बिहार के प्रशासन को नई ऊर्जा देगा। विपक्ष की आलोचना के बीच सरकार विकास व सुशासन पर फोकस्ड। युवा अधिकारियों ने इसे प्रेरणा माना।