
अरे भाई, बिहार में सुशासन का ‘बूमरैंग’ लग गया! डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा का लखीसराय के बड़हिया में रोड-शो – वाह, क्या शानदार ‘स्वागत जुलूस’! समर्थकों ने बंदूकों से फायरिंग कर जश्न मनाया, मानो कोई बॉलीवुड मूवी का क्लाइमेक्स हो। राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने बिल्कुल सही पकड़ा – ये कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाना है, दंडनीय अपराध! लेकिन सवाल ये: गृहमंत्री सम्राट चौधरी कब तक अपनी ही सरकार के ‘स्टार’ पर कार्रवाई करेंगे? या फिर ‘सत्ता संरक्षण’ का चक्कर है, जहां अपराधी ‘राजा’ बन जाएं?
अरुण यादव साहब ने ठीक कहा – ये देखने वाली बात है कि कार्रवाई कब होगी। या फिर ये ‘एनडीए ड्रामा’ ऐसे ही चलेगा, जहां गुंडे जुलूस निकालें और जनता डरे? बिहार की जनता पूछ रही: सुशासन का ‘फायर’ कब बुझेगा, या ये तो बस ‘शो’ है? हाहा, विजय सिन्हा का जश्न – बंदूक से, लेकिन कानून से दूर!
एनडीए की नई सरकार बनी, तो क्या? राज्य में अपराधियों का मनोबल आसमान छू रहा! सत्ता के संरक्षित गुंडे-सामंती तांडव मचा रहे – हत्याएं, लूट, डकैती रोज की रोटी। जनता? वो तो भगवान भरोसे पड़ी है, जैसे बिहार का ‘सुशासन’ सिर्फ किताबों में बचा हो। विजय सिन्हा जैसे नेता फायरिंग से ‘जश्न’ मनाते, और चौधरी जी चुप्पी साधे? लगता है, अपराधी अब ‘सम्राट’ हो गए – सत्ता का ‘ब्लेसिंग’ मिला तो कानून क्या चीज!
Prashant Kumar ‘Pranay’ Political Analyst Ambika Ujala