राज्य में उर्वरक की कोई कमी नहीं, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई जारी

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By Anubhav Ranjan

रबी मौसम 2025-26 के दौरान राज्य में किसानों के हितों की रक्षा के लिए उर्वरकों की सुचारु आपूर्ति एवं कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से व्यापक कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान में राज्य के किसी भी जिले में उर्वरकों की कमी नहीं है। दिनांक 06.01.2026 तक राज्य में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिसमें 2.16 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.40 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.21 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.35 लाख मीट्रिक टन एमओपी तथा 1.10 लाख मीट्रिक टन एसएसपी शामिल हैं।

उर्वरकों की कालाबाजारी और अधिक दर पर विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए पूरे राज्य में लगातार छापामारी व निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। रबी मौसम 2025-26 के दौरान, दिनांक 06.01.2026 तक उर्वरक वितरण में पाई गई अनियमितताओं के विरुद्ध सख्त कदम उठाए गए हैं। अब तक 37 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है, 100 उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द किए गए हैं तथा 132 प्राधिकार पत्र निलंबित किए गए हैं।उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्रभावी निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है। प्राप्त शिकायतों के आधार पर यह दल नियमित रूप से निरीक्षण एवं छापामारी कर रहा है।

रबी मौसम 2025-26 के दौरान उड़नदस्ता दल द्वारा 23 मामलों में अनियमितताएं प्रतिवेदित की गई हैं, 2 प्राधिकार पत्र रद्द तथा 17 प्राधिकार पत्र निलंबित किए गए हैं।जिलों में उर्वरक की कालाबाजारी रोकने एवं अधिक मूल्य पर विक्रय पर नियंत्रण हेतु जिला स्तरीय और प्रखण्ड स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जा रही हैं। किसानों से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि प्रखण्डवार उर्वरक का उप-आवंटन आच्छादन एवं वास्तविक आवश्यकता के आलोक में किया जाए।

जिलों में कृषि विभाग के पदाधिकारियों की जाँच टीम बनाकर उर्वरक प्रतिष्ठानों पर नियमित छापामारी एवं निरीक्षण कराया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में उर्वरक की तस्करी पर रोक लगाने हेतु विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसके तहत छापामारी दलों का गठन कर सशस्त्र सीमा बल के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। पूर्वी चम्पारण जिले के नेपाल से सटे सीमावर्ती प्रखंडों में भी सघन छापामारी की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की तस्करी या कालाबाजारी को सख्ती से रोका जा सके।