
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) दक्षिण बिहार के प्रांत मंत्री सुमित सिंह ने प्रेस वार्ता में गया के 67वें प्रांत अधिवेशन को क्रांतिकारी व भविष्योन्मुखी घोषित किया। इस ऐतिहासिक सम्मेलन में विद्यार्थी कल्याण, युवा सशक्तिकरण व बिहार के शैक्षिक-सामाजिक उत्थान से संबंधित तीन निर्णायक प्रस्ताव एकमत से स्वीकृत हुए। प्रेस मीट में प्रांत सह-मंत्री सोनू, प्रियरंजन सिंह व रौशन शर्मा प्रमुख रूप से मौजूद रहे।सुमित सिंह का प्रेरक संदेशप्रांत मंत्री सुमित सिंह ने जोरदार स्वर में कहा-बिहार का छात्र-युवा बल प्रदेश की सर्वोच्च संपदा है। शिक्षा सुधार, स्किल उन्नयन व बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाकर बिहार प्रगति की चोटियों को पार कर सकता है। अधिवेशन के ये तीन प्रस्ताव राज्य के सुनहरे कल की आधारशिला हैं। सरकार से त्वरित अमलीकरण की अपील की गई।प्रस्ताव-1: NEP-2020 का पूर्ण कार्यान्वयनराष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को साकार करने हेतु विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में अध्यापकों की पर्याप्त भर्ती, डिजिटल कक्षाएं, उन्नत लैब, समृद्ध लाइब्रेरी, हॉस्टल, खेल-कल्चरल इकाइयों की मांग उठी। एनईपी-अनुरूप सिलेबस, इंटर्नशिप व स्किल ट्रेनिंग पर बल। अभाविप का दृढ़ मत—ठोस इंफ्रास्ट्रक्चर ही उत्कृष्ट शिक्षा की गारंटी है।प्रस्ताव-2: नौकरी व स्किल क्रांतिप्रदेश में युवा बेरोजगारी व बहिर्वासन पर गहन चिंता व्यक्त कर सभी जिलों में जॉब-स्किल हब स्थापना, कॉलेजों को प्लेसमेंट-केंद्रित कोर्स से लयबद्ध करने, टेक्निकल-वोकेशनल शिक्षा को प्रोत्साहन व स्थानीय अवसर सर्जन की मांग की गई। स्किल्ड युवा ही स्वावलंबी बिहार का मजबूत स्तंभ हैं—यह संकल्प दोहराया गया।प्रस्ताव-3: समावेशी हॉस्टल पर जोरसामाजिक सद्भावना हेतु सर्ववर्गीय छात्र-छात्राओं के लिए एकीकृत हॉस्टल निर्माण का आग्रह। इनमें सुरक्षित ठहराव, निरंतर बिजली-पानी, वाईफाई, रीडिंग रूम, लाइब्रेरी, मेडिकल-सुरक्षा सुविधाएं सुनिश्चित। आर्थिक दुर्बलता व सुदूर छात्रों को उच्च शिक्षा से वंचित न होने दें।सह-मंत्रियों के दृढ़ उद्गारप्रांत सह-मंत्री प्रियरंजन सिंह बोले—ये प्रस्ताव बिहार के शैक्षिक-सामाजिक परिवर्तन के मार्गदर्शक हैं। अभाविप प्रशासन, यूनिवर्सिटी व समाज से निरंतर संवाद व आंदोलन करेगी। सह-मंत्री रौशन शर्मा ने प्रतिपुष्टि की—छात्र हित के इन्हें जमीनी स्तर पर उतारना अपरिहार्य है। संगठन पूर्ण समर्पण से कटिबद्ध। ये प्रस्ताव बिहार छात्र आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे।