
ब्राह्मण समाज की बेटियों के सम्मान पर की गई अभद्र टिप्पणी के खिलाफ अंबिका ब्राह्मण एकता मंच ट्रस्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। ट्रस्ट के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान राष्ट्रीय संयोजक ब्रजेश पाण्डेय ने आज राज्य मानवाधिकार आयोग, बिहार, पटना को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मध्यप्रदेश सरकार के कृषि एवं कल्याण विभाग के वरिष्ठ IAS अधिकारी संतोष कुमार वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों के प्रति की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। इस बयान ने न केवल समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, बल्कि महिलाओं के सम्मान को भी आहत किया है, जिसकी व्यापक निंदा हो रही है।
ब्रजेश पाण्डेय ने आयोग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन के प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं: पहले, संतोष कुमार वर्मा के विरुद्ध विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई की जाए, जिसमें उनकी टिप्पणी की निष्पक्ष जांच हो। दूसरा, ऐसे असंवेदनशील और अमर्यादित व्यवहार को ध्यान में रखते हुए उन्हें सेवा से तत्काल बर्खास्त किया जाए। तीसरा, समाज की गरिमा एवं महिलाओं के सम्मान की रक्षा हेतु आयोग द्वारा उपयुक्त दिशानिर्देश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में सरकारी अधिकारियों द्वारा ऐसी टिप्पणियां न हों। पाण्डेय ने कहा, “यह केवल एक व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं, बल्कि पूरे समाज के प्रति अपमान है। ब्राह्मण समाज की बेटियां किसी की उपेक्षा या मजाक का विषय नहीं हैं।”
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि समाज की बेटियों के सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अशोभनीय टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन न्याय मिलने तक संघर्षरत रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार करेगा। ब्रजेश पाण्डेय ने समाज के सदस्यों से एकजुट होकर इस मुद्दे पर आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक दोषी को सजा न मिले और समाज को न्याय न प्राप्त हो।”
यह घटना ब्राह्मण समाज में आक्रोश पैदा कर रही है। ट्रस्ट ने अन्य सामाजिक संगठनों से भी समर्थन की अपील की है। राज्य मानवाधिकार आयोग ने ज्ञापन प्राप्त करने की पुष्टि की है और जांच की प्रक्रिया शुरू करने का संकेत दिया है। इस मामले ने सरकारी अधिकारियों के आचरण पर सवाल उठाए हैं और समाजिक सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।