बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वर्ष 2026 के लिए अपनी सभी परीक्षाओं का विस्तृत कैलेंडर जारी कर दिया। यह घोषणा छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच उत्साह का संचार कर रही है, क्योंकि अब परीक्षा की तारीखें स्पष्ट हो गई हैं। समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने इस कैलेंडर को औपचारिक रूप से रिलीज किया, जो परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित बनाने का वादा करता है। आनंद किशोर ने कहा, “यह समय-सारिणी पारदर्शिता को बढ़ावा देगी और समय प्रबंधन को मजबूत करेगी, ताकि छात्र बिना किसी भ्रम के अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकें।”
कैलेंडर के अनुसार, इंटरमीडिएट (कक्षा 12वीं) की परीक्षाएं 2 फरवरी 2026 से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगी। यह अवधि छात्रों को विभिन्न विषयों की गहन तैयारी का पर्याप्त समय प्रदान करेगी। इसी तरह, मैट्रिक (कक्षा 10वीं) की परीक्षाएं 17 फरवरी से 25 फरवरी तक आयोजित की जाएंगी। ये तारीखें पहले से तय होने से छात्रों को अपनी पढ़ाई की योजना बनाने में आसानी होगी। बीएसईबी का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और नियमितता लाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है। अध्यक्ष आनंद किशोर ने जोर देकर कहा कि ये परीक्षाएं निष्पक्षता के साथ संपन्न होंगी, और कोई भी बदलाव अंतिम समय पर नहीं किया जाएगा।
इस कैलेंडर के जारी होने का एक और रोचक पहलू बिहार कैबिनेट के हालिया प्रस्ताव से जुड़ा है। कैबिनेट ने सरकारी कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के व्यापक उपयोग को मिशन मोड में लागू करने का फैसला लिया है। इसी नीति के अनुरूप, बीएसईबी की आगामी परीक्षाओं में एआई तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा। उदाहरण के लिए, छात्रों पर निगरानी रखने के उद्देश्य से एआई-संचालित सिस्टम लगाए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ एआई टूल्स का संयोजन होगा, जो किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नकल को तुरंत पहचान लेंगे। इससे परीक्षा की अखंडता सुनिश्चित होगी, और छात्रों को एक सुरक्षित माहौल मिलेगा। आनंद किशोर ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एआई न केवल निगरानी करेगा, बल्कि प्रक्रिया को तेज और कुशल भी बनाएगा।
इसके अलावा, चैटबॉट सिस्टम को वेबसाइट पर सक्रिय किया जाएगा, जो छात्रों और अभिभावकों के लिए वरदान साबित होगा। कई बार छात्रों को एडमिट कार्ड, सिलेबस, परीक्षा केंद्र या रिजल्ट जैसी बुनियादी जानकारी प्राप्त करने में कठिनाई होती है। चैटबॉट इस समस्या का समाधान करेगा, जहां 24/7 उपलब्ध रहते हुए तुरंत उत्तर देगा। इससे फोन लाइनों पर भीड़ या लंबी कतारों की समस्या से मुक्ति मिलेगी। अभिभावक भी आसानी से अपडेट प्राप्त कर सकेंगे, जो शिक्षा प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को बढ़ाएगा। यह सुविधा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए उपयोगी होगी, जहां इंटरनेट पहुंच बढ़ रही है।
आनंद किशोर ने चैटबॉट की भूमिका पर जोर देते हुए कहा, “एआई से परीक्षा प्रणाली निष्पक्ष और सुगम बनेगी।” यह कदम बिहार की शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल युग के अनुरूप ढालने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। तकनीक अब छात्रों की सहायक बनेगी, न कि बाधा। कैलेंडर जारी होने से छात्रों को अब तैयारी पर फोकस करने का समय मिल गया है। इंटर और मैट्रिक दोनों परीक्षाओं के लिए सिलेबस पर काम तेज करें, क्योंकि 2026 का सफर अब शुरू हो चुका है। क्या आपकी पढ़ाई की रणनीति तैयार है? यह कैलेंडर न केवल तारीखें तय करता है, बल्कि एक बेहतर भविष्य की नींव भी रखता है।
प्रशांत कुमार ‘प्रणय’
