बिहार विधान मंडल सत्र 2025 : 1-5 दिसंबर तक 18 वीं विधानसभा का प्रथम सत्र, सुरक्षा व व्यवस्थाओं पर उच्चस्तरीय बैठक

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By Anubhav Ranjan

नई सरकार गठन के बाद बिहार विधान मंडल का शीतकालीन सत्र 1 से 5 दिसंबर तक आयोजित होगा। इसकी तैयारियों को लेकर आज बिहार विधान परिषद के सभापति श्री अवधेश नारायण सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक बिहार विधानसभा मुख्य भवन के वाचनालय में हुई। बैठक का उद्देश्य सत्र के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, चिकित्सा सुविधाएं, सफाई, पार्किंग व अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू बनाना था। यह 18 वीं विधानसभा का प्रथम सत्र होने से विशेष महत्व रखता, जहां नवनिर्वाचित 243 सदस्यों की शपथ, स्पीकर चुनाव, राज्यपाल अभिभाषण व बजट चर्चा जैसे प्रमुख कार्य होंगे। सत्र की अधिसूचना कैबिनेट की 25 नवंबर बैठक में मंजूर हुई, जो एनडीए सरकार के एजेंडे को रेखांकित करेगी।

माननीय सभापति  ने बैठक में सत्र की रूपरेखा विस्तार से बताई। उन्होंने कहा कि 1 दिसंबर को प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ/प्रतिज्ञान दिलाएंगे। यह विधानसभा चुनाव 2025 के बाद पहला मौका होगा, जब 243 विधायक एकत्र होंगे। 2 दिसंबर को स्पीकर का चुनाव होगा, जिसमें एनडीए उम्मीदवार की उम्मीद। 3 दिसंबर को विस्तारित भवन के सेंट्रल हॉल में विधानसभा व परिषद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राज्यपाल श्रीमती राजेश्वर सिंह अभिभाषण देंगी। इसमें सरकार की नीतियां, विकास योजनाएं व बजट प्राथमिकताएं उजागर होंगी। उसी दिन प्रख्यापित अध्यादेशों की प्रतियां पटल पर रखी जाएंगी व द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी पेश की जाएगी। 4 दिसंबर को अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर वाद-विवाद व सरकार का उत्तर होगा, जो नीतीश कुमार सरकार की दृष्टि पर केंद्रित रहेगा। 5 दिसंबर को अनुपूरक व्यय विवरणी पर बहस, मतदान व विनियोग विधेयक पारित होगा यह सत्र का चरमोत्कर्ष। सत्र पांच दिनों का रखा गया, जो संक्षिप्त लेकिन प्रभावी होगा। सभापति ने जोर दिया कि सत्र लोकतंत्र का उत्सव है; सभी व्यवस्थाएं विधायकों व स्टाफ के लिए आदर्श हों।

श्री सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को विधानसभा सचिवालय से समन्वय स्थापित कर समयबद्ध कार्य निष्पादन के निर्देश दिए। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की जांच, सुरक्षा घेराबंदी, ट्रैफिक डायवर्जन, चिकित्सा इकाई, सफाई अभियान व पार्किंग जोनिंग पर तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया। पटना शहर में सत्र के दौरान वीरचंद पटेल पथ पर ट्रैफिक जाम से बचाव के लिए वैकल्पिक रूट प्लान तैयार करने को कहा। नगर निगम अधिकारियों को नवनिर्मित 150 विधायक आवासों (वीरचंद पटेल पथ) में सफाई, जलापूर्ति, बिजली व स्ट्रीट लाइट सुनिश्चित करने का निर्देश। उन्होंने कहा कि आवासों को पर्यावरण-अनुकूल बनाएं—हरित क्षेत्र बढ़ाएं, वेस्ट मैनेजमेंट मजबूत। सत्र में 3,000 से अधिक लोग जुटेंगे, इसलिए पाटलिपुत्र क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतें। कोविड प्रोटोकॉल व आपातकालीन ड्रिल भी अनिवार्य। यह बैठक सभापति के पिछले निरीक्षणों का हिस्सा, जो 2024 सत्र में सफल रही।

संसदीय कार्य मंत्री  विजय कुमार चौधरी ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “सरकार विधानमंडल के प्रति हमेशा सजग। 18वीं विधानसभा का पहला सत्र होने से नवीन सदस्यों को सहजता प्रदान करें। कोई कठिनाई न हो—ट्रेनिंग, दस्तावेज व सुविधाएं उपलब्ध।” मंत्री ने एनडीए की 2025 चुनाव जीत का जिक्र कर कहा कि सत्र विकास एजेंडे को मजबूत करेगा। विपक्ष (आरजेडी-कांग्रेस) की भूमिका पर भी नजर, ताकि सदन सुगम चले।

बैठक में गृह विभाग सचिव  प्रणव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. कमल किशोर सिंह, सूचना-जनसंपर्क निदेशक  वैभव श्रीवास्तव, भवन निर्माण संयुक्त सचिव  शिव रंजन, पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम., वरीय पुलिस अधीक्षक  कार्तिकेय के. शर्मा, नगर आयुक्त यशपाल मीणा, सिविल सर्जन श्रीमती ख्याति सिंह, प्रभारी विधानसभा सचिव अखिलेश कुमार झा व विधान परिषद सचिव उपस्थित रहें। सभी ने सुझाव दिए जैसे डिजिटल टिकटिंग पार्किंग के लिए, एम्बुलेंस स्टैंडबाई व मीडिया सेंटर

यह सत्र नीतीश सरकार के दूसरे कार्यकाल का आधार बनेगा। 2025 चुनाव में एनडीए को 178 सीटें मिलीं, जो बहुमत मजबूत। सत्र में महिला आरक्षण, जीविका व सड़क परियोजनाओं पर फोकस। तैयारियां तेज; 30 नवंबर तक फाइनल रिहर्सल। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करेगा