भाजपा का बीएलओ-1 सम्मान उत्सव: कार्यकर्ताओं की मेहनत से एनडीए की शानदार जीत!

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By Anubhav Ranjan

वाह, पटना में बिहार भाजपा का प्रदेश कार्यालय आज ‘कार्यकर्ता दिवस’ बन गया! चुनाव प्रबंधन विभाग के तहत आयोजित भव्य सम्मान समारोह में बीएलओ-1 (बूथ लेवल एजेंट) को प्रदेश अध्यक्ष व उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल और उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने खास तौर पर पुरस्कृत किया। ये वो सिपाही हैं, जिनकी निष्ठा ने एनडीए को बिहार की सत्ता पर फिर काबिज कराया। अंगवस्त्र और मोमेंटो से सजे इन योद्धाओं को देखकर लगता है, जैसे चुनावी मैदान का असली ‘मैन ऑफ द मैच’ यहीं हैं!

डॉ. दिलीप जायसवाल ने संबोधन में जोश भर दिया। उन्होंने कहा, “मतदाताओं ने एनडीए को फिर से ताज पहनाया, लेकिन ये जीत सिर्फ भाग्य नहीं, बल्कि हर कार्यकर्ता की निस्वार्थ सेवा का फल है।” विशेष रूप से बीएलओ-1 की तारीफ करते हुए बोले, “इनकी अथक परिश्रम ने भाजपा को बिहार में सबसे बड़े विधायकी दल का तमगा दिलाया। बिना इनके, ये सफर इतना आसान न होता!” जायसवाल जी ने आगे जोड़ा कि नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए अब ‘विकसित बिहार’ का सपना साकार करने में जुटा है। विकास की गंगा बहाने का वादा किया, जो जनता को लुभा रहा।

वहीं, सम्राट चौधरी ने अपनी केंद्रीय शैली में कार्यकर्ताओं को जगाया। “एनडीए का प्रचंड बहुमत हर कार्यकर्ता की गहन निष्ठा का प्रमाण है। दिन-रात जुटे रहने वाले बीएलओ-1 को सम्मानित करना तो बनता है – ये अद्भुत समर्पण है!” उन्होंने बताया कि 243 सीटों की जिम्मेदारी संभालते हुए इन्होंने 202 पर एनडीए को विजयी बनाया। चौधरी जी ने बधाई देते हुए कहा, “हमारा मिशन बिहार को समृद्धि के पथ पर ले जाना। ये योद्धा ही हमारी ताकत हैं!” उनकी बातों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया, जैसे कोई प्रेरक भाषण हो।

संगठन महामंत्री भीखू भाई दालसनिया, महामंत्री राधा मोहन शर्मा, राकेश कुमार, राधिका रमन, चुनाव संयोजक कृष्णनंदन सिंह, अवधेश सिंह, मीडिया प्रभारी अमित प्रकाश बबलू और प्रभात मालाकार समेत सैकड़ों पदाधिकारी-कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंच संचालन कुमार सचिन ने चतुराई से किया, तो धन्यवाद रविंद्र शर्मा का भावुक रहा। ये समारोह न सिर्फ पुरस्कार वितरण था, बल्कि एनडीए की एकजुटता का प्रतीक। बिहार की राजनीति में ये संकेत साफ – कार्यकर्ताओं की ताकत से ही सरकारें टिकी रहती हैं। अब देखना है, ये ऊर्जा विकास के कार्यों में कैसे लगेगी?

प्रशांत कुमार ‘प्रणय’

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