
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत 10 लाख लाभार्थी महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये (कुल 1,000 करोड़) की सहायता राशि का अंतरण किया। डीबीटी के जरिए रिमोट बटन दबाकर यह वितरण पूरा हुआ। इससे पहले 1.46 करोड़ महिलाओं को 14,600 करोड़ रुपये मिल चुके, कुल 1.56 करोड़ लाभार्थियों को अब तक 15,600 करोड़ का लाभ। योजना, जो सात निश्चय पार्ट-2 का हिस्सा है, हर परिवार की एक महिला को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करती। सफल उद्यमियों को 2 लाख तक अतिरिक्त सहायता का वादा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री नीतीश ने कहा, “आप सभी महिलाओं का वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ने पर हार्दिक अभिनंदन। विधानसभा चुनाव में एनडीए को भारी बहुमत से जिताकर आपने हमें अगले पांच वर्ष सेवा का अवसर दिया। इसके लिए बिहारवासियों का आभार।” उन्होंने योजना की सफलता पर प्रसन्नता जताई: “आज 10 लाख महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए 10-10 हजार भेजे जा रहे। पहले 1.46 करोड़ को लाभ मिला, कुल 1.56 करोड़ महिलाएं सशक्त होंगी। सहायता से हजारों ने किराना दुकान, सिलाई केंद्र जैसे उद्यम शुरू किए। अच्छा प्रदर्शन करने वालों को 2 लाख तक मदद। बचे परिवारों को दिसंबर तक कवर करेंगे।”
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण की यात्रा साझा की। 2006 में पंचायती राज में 50% आरक्षण, 2007 में नगर निकायों में। 2013 से पुलिस भर्ती में 35% महिलाओं को, 2016 से सभी सरकारी नौकरियों में। स्वयं सहायता समूह ‘जीविका’ की शुरुआत विश्व बैंक कर्ज से 2006 में; अब 1.40 करोड़ ग्रामीण दीदियां। 2024 से शहरी क्षेत्रों में 4.34 लाख जुड़ीं, गठन जारी। “यह 10 हजार से परिवार खुशहाल होंगे, बिहार तेजी से विकसित होगा। लाभार्थियों के अनुभव प्रेरणादायक। केंद्र सरकार का सहयोग सराहनीय। सबके विकास के लिए निरंतर प्रयासरत।”
कार्यक्रम में तीन लाभार्थियों ने अनुभव साझा किए। पश्चिम चंपारण की सुनीता देवी (ओम जीविका समूह) ने कहा, “जीविका से जीवन बदला। 10 हजार से किराना दुकान शुरू, रोज 1,000 बिक्री। आत्मनिर्भर बनी। 125 यूनिट फ्री बिजली, नल-जल से खुशी। बेटी को मैट्रिक टॉपर पुरस्कार, कंप्यूटर कोर्स। वृद्धजन पेंशन 400 से 1,100 रुपये—सास-ससुर को इलाज में राहत। नीतीश जी को बधाई।” भागलपुर की फूलन कुमारी (कनक जीविका) बोलीं, “आपके प्रयासों से आत्मनिर्भर बनी। पहले पति से पूछती, अब स्वतंत्र निर्णय। 10 हजार से किराना दुकान, अच्छी आय। दिल से धन्यवाद।” दरभंगा की फूल देवी (प्रगति जीविका) ने बताया, “सिलाई मशीन खरीदी, घर चल रहा। आगे सेंटर खोल अन्य दीदियों को रोजगार दूंगी। पोशाक-साइकिल योजना से बेटियां आगे। वृद्ध पेंशन बढ़ोतरी से लाभ। महिलाओं की उन्नति के लिए आभारी।”
योजना पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई, जो सफल कहानियां दर्शाती। उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त डॉ. एस. सिद्धार्थ, ग्रामीण विकास सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह (जिन्होंने पौधा भेंट किया), सचिव श्री अनुपम कुमार, श्री कुमार रवि, डॉ. चंद्रशेखर सिंह, विशेष पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, जीविका सीईओ श्री हिमांशु शर्मा उपस्थित। वीडियो से मंत्री, जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी, लाभार्थी जुड़े।
यह वितरण बिहार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर। 29 अगस्त 2025 को अनुमोदित योजना से ग्रामीण-शहरी दोनों क्षेत्र कवर। ऑफलाइन (ग्रामीण) व ऑनलाइन (शहरी) आवेदन से 13 लाख बाकी, दिसंबर तक पूर्ण। सफलता पर समीक्षा से 2 लाख अतिरिक्त। जीविका ने 9.50 लाख ग्रामीण व 50 हजार शहरी महिलाओं को जोड़ा। यह कदम बेरोजगारी घटाकर अर्थव्यवस्था मजबूत करेगा, विपक्ष की आलोचना के बीच सरकार महिला केंद्रित। युवा महिलाएं अब उद्यमी बन रही, राज्य प्रगति पथ पर