सीएम प्रतिज्ञा योजना : बिहार की 17 बेटियां टाटा-एप्पल यूनिट में इंटर्नशिप के लिए बेंगलुरु रवाना

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By Anubhav Ranjan

बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग के तहत संचालित बिहार कौशल विकास मिशन की प्रमुख सीएम प्रतिज्ञा योजना ने एक और सफलता हासिल की। योजना के तहत चयनित 17 मेधावी बेटियों का चयन टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने किया, जो 26 नवंबर को रेल मार्ग से बेंगलुरु के लिए रवाना हुईं। ये युवतियां कर्नाटक के हुसूर स्थित मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में मोबाइल हैंडसेट असेंबलिंग इंटर्न के रूप में काम करेंगी। यहां टाटा और एप्पल संयुक्त रूप से उत्पादन करते हैं, जो बिहार की बेटियों को विश्वस्तरीय अनुभव देगा।

यह उपलब्धि योजना की सफलता को दर्शाती है, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय पार्ट-2 का हिस्सा है। 2025 में शुरू हुई यह योजना युवाओं को 3 से 12 महीने की इंटर्नशिप प्रदान करती है, ताकि वे कौशल हासिल कर आत्मनिर्भर बनें। चयनित छात्राओं को शैक्षणिक योग्यता के आधार पर ₹4,000 (12वीं पास), ₹5,000 (आईटीआई/डिप्लोमा) या ₹6,000 (स्नातक/स्नातकोत्तर) मासिक स्टाइपेंड मिलेगा। इसके अलावा, राज्य सरकार ₹5,000 प्रतिमाह भरण-पोषण भत्ता देगी। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स अतिरिक्त ₹13,485 टॉप-अप राशि, व्यक्तिगत बीमा, भोजन, आवास, बस सेवा और साप्ताहिक अवकाश प्रदान करेगी। श्रम संसाधन विभाग के सचिव श्री दीपक आनंद ने बेटियों को शुभकामनाएं दीं, कहा कि यह कदम न केवल उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि अत्याधुनिक औद्योगिक माहौल में करियर को मजबूत करेगा।

योजना के पात्रता मानदंड सरल हैं: 18-28 वर्ष आयु, न्यूनतम 12वीं पास/आईटीआई/डिप्लोमा/स्नातक/स्नातकोत्तर या 6 माह का कौशल प्रशिक्षण, आधार कार्ड और बिहार निवास। दूरस्थ शिक्षा वाले भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन https://cmpratigya.bihar.gov.in पर आधार-आधारित पंजीकरण से करें; अधिकतम तीन इंटर्नशिप चुन सकते हैं। सहायता के लिए टोल-फ्री 1800-296-5656 पर संपर्क करें। 2030 तक 1 लाख इंटर्नशिप का लक्ष्य है, जो बिहार के युवाओं को रोजगार के नए द्वार खोलेगा। अब तक सैकड़ों युवाओं ने योजना का लाभ उठाया, जो राज्य की प्रगति का प्रतीक है।