
पटना, 27 नवंबर 2025। बिहार सरकार ने युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार प्रदान करने को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को अवसर मिले, यह हमारी शुरुआती प्राथमिकता रही। सात निश्चय पार्ट-2 के तहत 2020-25 के बीच 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी व रोजगार दिया गया। अगले पांच वर्षों (2025-30) में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
नई सरकार गठन के बाद रिक्तियों को भरने के लिए त्वरित कदम उठाए गए। सभी प्रशासनिक विभागों, प्रमंडलीय आयुक्तों, पुलिस मुख्यालयों व जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि रिक्त पदों की अधियाचनाएं 31 दिसंबर 2025 तक सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराएं। विभाग प्राप्त अधियाचनाओं की जांच कर नियुक्ति आयोगों को भेजेगा। BPSC, BSSC जैसे आयोगों को जनवरी 2026 से पूरे वर्ष का कैलेंडर प्रकाशित करने का आदेश दिया गया, जिसमें विज्ञापन तिथि, परीक्षा अवधि व अंतिम फल घोषणा स्पष्ट हो। किसी भी परीक्षा में विज्ञापन से अंतिम परिणाम तक एक वर्ष से अधिक न लगे।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी आयोगों को निर्देशित किया कि परीक्षाएं स्वच्छ तरीके से संपन्न हों। अनुचित साधनों पर सख्त कार्रवाई हो; अनियमितता मिलने पर दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट से दंडित करें। बिहार में CBT (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) केंद्रों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया, ताकि परीक्षाएं समय पर सुचारु हों। हाल ही में BSSC ने 23,175 इंटर लेवल पदों पर भर्ती फिर शुरू की, जबकि 14,921 LDC पदों के लिए 24 नवंबर तक आवेदन चल रहे। परिवहन विभाग में 12वीं पास के लिए क्लर्क भर्ती भी जारी। कुल 69,430 पदों पर वैकेंसी खुल चुकी हैं, जिसमें BPSC AE, पुलिस कांस्टेबल, नर्सिंग ट्यूटर जैसे पद शामिल।
सरकार का संकल्प है कि बिहार के युवा दक्ष व आत्मनिर्भर बनें। सभी परीक्षाएं समयबद्ध व पारदर्शी होंगी, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो। यह कदम बेरोजगारी कम कर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। युवा अब आयोगों की वेबसाइट्स पर नजर रखें।