
उपमुख्यमंत्री व राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय कार्यालय में बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 2011 में घोषित इस सर्वे को अगले दो वर्षों में हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य के लिए सभी अधिकारियों को हर जिले से तय समयसीमा वाली विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।सर्वे कार्य पूर्ण पारदर्शिता व समयबद्धता से संपन्न हो, ताकि आम जनता को जल्द लाभ मिले। किसी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सर्वे का मकसद केवल पूरा करना नहीं, बल्कि लोगों की जमीन संबंधी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। गलती की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होगी।
जहां त्रुटि या विलंब मिलेगा, वहां अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। सर्वे औपचारिकता नहीं, सुधार का आधार बनेगा। गलत रिपोर्टिंग या मनमानी पर कड़ी प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई होगी। नागरिकों से अपील की गई कि गड़बड़ी की लिखित जानकारी विभाग को दें, तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित होगी।बैठक में प्रधान सचिव सी.के. अनिल व सचिव जय सिंह ने पुराने कैडेस्ट्रल व रिवीजनल सर्वे की जानकारी दी। नए सर्वे से रिकॉर्ड सटीक होंगे, विवाद कम होंगे व डिजिटल सुविधा बढ़ेगी। भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत ने वर्तमान स्थिति व विलंब के कारण बताए। तकनीकी मार्गदर्शिका समय पर न बनने से प्रारंभिक चरण प्रभावित रहा। यह मार्गदर्शिका मार्च 2019 में अधिसूचित हुई।
प्रथम चरण के 20 जिलों के 89 अंचलों में सर्वे कर्मियों की देरी से दिसंबर 2021 का कार्य धीमा रहा। शेष अंचलों व 18 जिलों में सितंबर 2024 से तेजी आई। फील्ड जटिलताओं के लिए दिसंबर 2024 में 16 बिंदुओं पर मार्गदर्शन अधिसूचित किया गया।प्रगति पर निदेशक ने कहा कि प्रथम चरण के 20 जिलों के 89 अंचलों के 5,657 राजस्व ग्रामों में ऑथोफोटोग्राफ, ग्रामस्तरीय उद्घोषणा व ग्राम सभा शत-प्रतिशत पूर्ण। किस्तवार कार्य 99.92 प्रतिशत, खानापुरी 94.4 प्रतिशत व प्रपत्र-6 79 प्रतिशत ग्रामों में समाप्त। 67 प्रतिशत ग्रामों में प्रारूप अधिकार अभिलेख प्रकाशित, 31 प्रतिशत में अंतिम अभिलेख जारी। इनमें 912 ग्रामों के अभिलेख अधिसूचित हो चुके। द्वितीय चरण में 36 जिलों के 444 अंचलों के 37,419 राजस्व ग्रामों में हवाई सर्वेक्षण, ऑथोफोटोग्राफ, उद्घोषणा व ग्राम सभा पूरा। रैयतों से 2.70 करोड़ से अधिक स्वघोषणाएं मिलीं।
प्रपत्र-5 98.81 प्रतिशत ग्रामों में पूर्ण। त्रि-सीमाना निर्धारण व ग्राम सीमा सत्यापन प्रगति पर है। उपमुख्यमंत्री ने चेताया कि अब ढिलाई नहीं चलेगी। जिला स्तर पर मॉनिटरिंग मजबूत करें। सर्वे से भूमि रिकॉर्ड मजबूत होंगे व विवाद स्थायी रूप से सुलझेंगे। विभाग ने जन सहयोग की अपेक्षा जताई।